कोरोना का कहेर हैं ये समशान बना शहर है ये सड़क हैं सूनसान पड़ा , मनुष्य है वेजान परा "। जीवन है अनजान बना , पशुओं का पहचान बड़ा । अपने " अपनों से अनजाने है , सारा "जग" ही बेगाने हैं । निर्मल हुईं "गंगा "कि काया, ना जाने यह कोनसा साया। विचित्र , बना विनाश हैं ये पृथ्वी पर सर्वनाश ये । देवों का स्वराज हूआ " मन्दिर ,मस्जिद आज़ाद हूआ। गिरीजा घर भी सुना है, गुरुद्वारा...
ना झुका हैं तू ना झुकेगा तू,ना रुका हैं तू ना रुकेगा तू, ना बुझा हैं तू ना बुझेगा तू ,ना मरा हैं तू ना मरेगा तू , शहीद ए हिंदुस्तान हैं तू अमर जवान हैं..। जन्म लिया जब इस मिट्टी में ,मिट्टी की बड़ाई शान हैं ,खेला कूदा इस मिट्टी में सीचा अपनी जान है तू देश पर कुर्बान है तू , शहीद ए हिंदुस्तान हैं तू अमर जवान हैं ..। ना थका हैं तू ना थकेगा तू ,ना थक कर कभी रुकेगा तू ,ना डरा हैं तू ना डरेगा तु ,ना डर कर कभी झुकेगा तू , शिहिद ए हिंदुस्तान हैं तू अमर जवान हैं..। नभ में तेरा साया हैं ,धरती पर तू समाया हैं ,पवित्र हुआ वह जल भी तुझ से जिसमें तेरी काया हैं तिरंगा भी लिपटकर तुझ में धन्य कहलाया हैं शहीद ए हिंदुस्तान हैं तू अमर जवान हैं..। कफ़न हैं सेहरा तेरा , तू धरती का भार उठाया हैं, हिंद हैं तू , भारत हैं तू , शहीद ए हिंदुस्तान हैं तू अमर जवान हैं ..। ...
मिले हैं आज तो कल की फ़ीकर मत करना, कल मिलू ना मीलू इसका ज़िक्र भी मत करना । याद आऊं तो मुस्कुरा देना,रो कर कहीं भूल ना जाना। तस्वीर देख "गिला" ना करना, ज़िन्दगी लंबी नहीं बड़ी थी ये याद रखना। मेरी "शखसीयत" ना मिटा पाओगें,चाहें जितना जोर लगाओगे। मैं मन से "जिया", मन से "मरा" और कितना आजमाओगें ,मिटाना सकोगें नाम मेरा शांत मन में एक "सुशांत"पाओगे । ~Deepshikha jha
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